Shayara Bano v. Union of India, 2017 in Hindi - PDF Laws
Case Name: Shayara Bano v. Union of India Citation: (2017) 9 SCC 1 Court: Supreme Court of India Date of Judgment: August 22, 2017 मामले के तथ्य (Fact of the Case) शायरा बानो, एक मुस्लिम महिला, ने ट्रिपल तालक (तलाक-ए-बिद्दत) की प्रथा की संवैधानिकता को चुनौती दी, जहां एक मुस्लिम पुरुष अपनी पत्नी को एक बार में तीन बार "तलाक" शब्द का उच्चारण करके तुरंत तलाक दे सकता है, या तो मौखिक रूप से, लिखित रूप में, या यहां तक कि ईमेल या टेक्स्ट मैसेज जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भी। शायरा बानो ने तर्क दिया कि इस प्रथा ने भारतीय संविधान के तहत समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14) और जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार (अनुच्छेद 21) सहित उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है। कानूनी मुद्दे (Legal Issue) Q- क्या ट्रिपल तालक का अभ्यास भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता) के तहत संरक्षित एक आवश्यक धार्मिक प्रथा है? Q- क्या ट्रिपल तलाक संविधान के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, विशेष रूप से अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) और 21 (जीवन और व्यक्तिगत ...