Kesavananda Bharati v. State of Kerala (summary) in Hindi - PDF Laws
Case Name: Kesavananda Bharati v. State of Kerala Citation: AIR 1973 SC 1461 Court: Supreme Court of India Date of Judgment: April 24, 1973 मामले के तथ्य (Fact of the Case) केरल में एक धार्मिक संप्रदाय के प्रमुख केशवानंद भारती ने केरल भूमि सुधार अधिनियम, 1963 के तहत अपने धार्मिक संस्थान की संपत्ति के प्रबंधन पर प्रतिबंध लगाने के केरल सरकार के प्रयासों को चुनौती दी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि कानून ने भारतीय संविधान के तहत गारंटीकृत उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है। कानूनी मुद्दे (Legal Issues) Q- क्या संसद के पास मौलिक अधिकारों सहित संविधान में संशोधन करने की असीमित शक्ति है? Q- क्या अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन की शक्ति में संविधान की "मूल संरचना" को बदलने की शक्ति शामिल है? निर्णय (Judgement) सुप्रीम कोर्ट ने 7-6 के बहुमत से कहा कि जबकि संसद के पास अनुच्छेद 368 के तहत संविधान में संशोधन करने की शक्ति है, यह शक्ति पूर्ण नहीं है। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि संसद संविधान की "मूल संरचना" या "आवश्यक विशेषताओं" में संशोधन नहीं कर सकती है, ...

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